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जॉर्डन के चर्च पर हमले से दुनिया में आक्रोश, जयशंकर ने दोहराई आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की प्रतिबद्धता

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | जॉर्डन के कराक में चर्च पर गोलीबारी की भारत ने निंदा की। एस. जयशंकर ने जताया दुख, शाह अब्दुल्ला ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

24 अक्टूबर 2026 | Alam Ki Khabar: नई दिल्ली: जॉर्डन के कराक प्रांत में एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी ने देश को झकझोर दिया है। 23 अक्टूबर को हमूद गांव स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में बंदूकधारियों ने हमला किया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। घटना के बाद भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।


भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को घिनौना और कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया है।


चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बरसाईं गोलियां


जॉर्डन के कराक प्रांत के हमूद गांव में स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में लोग अंतिम संस्कार के लिए जुटे थे। इसी दौरान हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।


जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले में सात लोगों की मौत हुई और 34 लोग घायल हुए थे। हालांकि, 24 अक्टूबर को सामने आई कुछ बाद की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में मृतकों की संख्या आठ और घायलों की संख्या 40 तक बताई गई। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों का अंतर होने के कारण अंतिम संख्या की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के नवीनतम बयान से की जानी चाहिए।


जॉर्डन के अधिकारियों ने घटना को आतंकवादी हमला बताया है। शुरुआती रिपोर्टों के समय हमलावरों की पहचान, उनके संभावित संगठनात्मक संबंध और हमले के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट नहीं हुई थी। मामले की जांच जारी थी।


भारत ने कहा—आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी


भारत के विदेश मंत्रालय ने 24 अक्टूबर को जारी बयान में 23 अक्टूबर को कराक के चर्च पर हुए हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की। मंत्रालय ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।


भारत ने कहा कि वह इस कठिन समय में जॉर्डन की सरकार और वहां के मित्रवत लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। साथ ही, नई दिल्ली ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


भारत की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब धार्मिक स्थलों और अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को निशाना बनाए जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।


एस. जयशंकर ने जताया गहरा दुख


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कराक के चर्च पर हुए हमले को लेकर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।


जयशंकर ने कहा कि भारत इस कठिन घड़ी में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने आतंकवाद के हर रूप और तरीके के खिलाफ भारत की मजबूत प्रतिबद्धता भी दोहराई।


जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी


जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि कराक पर हुए आतंकवादी हमले का जवाब सबसे कड़े दंड के रूप में दिया जाएगा।


शाह ने जॉर्डन के लोगों की एकता पर जोर देते हुए कहा कि गोलियों के जरिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।


उनका संदेश साफ था कि देश की एकता और सुरक्षा को चुनौती देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


संयुक्त राष्ट्र ने भी की हमले की निंदा


चर्च और अंतिम संस्कार में शामिल लोगों पर हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निंदा हुई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने घटना की कड़ी आलोचना की और कहा कि आम नागरिकों तथा पूजा स्थलों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की मांग की।


जॉर्डन में ईसाई समुदाय अल्पसंख्यक है और कराक क्षेत्र में इस समुदाय की उल्लेखनीय आबादी रहती है। धार्मिक स्थल पर हुई इस हिंसा ने विभिन्न समुदायों के बीच शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की जरूरत फिर रेखांकित की है।


जांच जारी, हमले के पीछे की वजह पर नजर


शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों की तलाश की जा रही थी और किसी संगठन ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। अधिकारियों ने संभावित चरमपंथी संबंधों की जांच की बात कही, लेकिन किसी खास संगठन की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया था।


कराक की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। भारत समेत कई देशों ने इस हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयासों और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया है।


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